हिमाचल प्रदेश में आईजीएमसी, चमियाना, टांडा और अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक 36-36 घंटे तक ड्यूटी करते हैं, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं। अब, प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया है कि रेजिडेंट डॉक्टर अब 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं देंगे।
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर अब 12 घंटे से अधिक ड्यूटी नहीं करेंगे, जिसमें ऑन कॉल ड्यूटी भी शामिल होगी। सरकार ने वीरवार को यह निर्देश जारी किए हैं और आदेश की कॉपी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को भेजी गई है। नए रोस्टर के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी और इन आदेशों की अनुपालना की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सरकार को भेजनी होगी।
अब तक आईजीएमसी, चमियाना, टांडा और अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक 36-36 घंटे तक ड्यूटी करते थे, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान रहते थे। अब सरकार ने रेजिडेंट डॉक्टरों के काम के घंटे निर्धारित कर दिए हैं। नए आदेशों के अनुसार, सुरक्षा के दृष्टिकोण से रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी शाम 7:00 बजे से पहले बदलनी चाहिए। यह फैसला कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा काम के घंटे और सुरक्षा के मुद्दे उठाने के बाद लिया गया।
36 घंटे की ड्यूटी का सिस्टम अस्पतालों में काफी पुराना था, और अब इसका बदलना रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए राहत का संदेश लाएगा। अस्पतालों में काम करने वाले चिकित्सक, जो अब ऊंचे ओहदों पर हैं, का कहना है कि यह व्यवस्था बहुत पुरानी थी। नए बदलावों से न केवल रेजिडेंट डॉक्टरों को राहत मिलेगी, बल्कि काम के बोझ से मानसिक तनाव भी कम होगा।