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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा: रथ मैदान में 18 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को प्रवेश नहीं मिलेगा, जानें कारण

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा: रथ मैदान में 18 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को प्रवेश नहीं मिलेगा, जानें कारण

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को देव समाज और पुलिस के बीच बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता कुल्लू के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव चौहान ने की। उन्होंने जानकारी दी कि 12 अक्टूबर को आने वाले देवी-देवताओं को उसी दिन रघुनाथ मंदिर में देव मिलन का आयोजन करना चाहिए।

इसके साथ ही, उन्होंने कुल्लू दशहरा के दौरान भगवान रघुनाथ से मिलने के लिए सुल्तानपुर पहुंचने वाले देवी-देवताओं के कारदारों से सहयोग की अपील की।

एएसपी संजीव चौहान ने कारदारों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि रथयात्रा के दौरान रथ मैदान में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए देव समाज के सहयोग की आवश्यकता है। इस भीड़ को संभालने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को मैदान में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने जिला कारदार संघ कुल्लू के प्रतिनिधियों से कारकूनों को इस बारे में जागरूक करने की भी अपील की।

कारदार संघ ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुल्लू, संजीव चौहान के समक्ष दशहरा मैदान में स्थापित देवी-देवताओं के शिविरों में नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव दिया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि रथ यात्रा से पहले भगवान रघुनाथ के सुल्तानपुर (रघुनाथपुर) मंदिर में एकत्र होने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा। इसके तहत, जो देवी-देवता एक दिन पूर्व ढालपुर मैदान में अपने अस्थायी शिविरों में पहुंचेंगे, उनके कारदार यह सुनिश्चित करेंगे कि उसी दिन वे अपने देवी-देवताओं को भगवान रघुनाथ के मंदिर, सुल्तानपुर ले जाएं।

बैठक में जिला कारदार संघ कुल्लू के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर, भगवान रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह, जिला महासचिव टीसी महंत, जोगिंद्र आचार्य, हंसराज शर्मा, तारा चंद, लाल चंद, राजकुमार महंत, हीरा लाल, डोला राम, सत्यदेव नेगी, संगत राम, और तेज सिंह उपस्थित रहे।

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