उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध को FSSAI से दो साल की मान्यता मिली। भोग, लंगर और दुकानों की खाद्य गुणवत्ता पर जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की रहेगी कड़ी निगरानी।
बाबा बालकनाथ मंदिर को मिला FSSAI सर्टिफिकेशन
आस्था का केंद्र, उत्तरी भारत का प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) से प्रमाणित हो गया है।
भोग, लंगर और दुकानों की खाद्य गुणवत्ता की जांच
मंदिर में लगने वाले भोग, लंगर और दुकानों में विक्रय हो रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सही पाए जाने के बाद इसे दो साल के लिए प्रमाणित सर्टिफिकेट जारी किया गया है।
जिला खाद्य सुरक्षा विभाग रखेगा निगरानी
इन दो सालों के दौरान जिला खाद्य सुरक्षा विभाग खाद्य वस्तुओं पर निगरानी रखेगा और समय-समय पर जांच करेगा।
“ईट राइट, प्लेस ऑफ वर्शिप” के तहत प्रमाणन
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के बाद, दियोटसिद्ध मंदिर ट्रस्ट को FSSAI ने “ईट राइट, प्लेस ऑफ वर्शिप” के तहत प्रमाणित किया है।
प्रमाणन की अवधि और पुन: सत्यापन प्रक्रिया
21 मार्च 2025 से 20 मार्च 2027 तक के लिए यह प्रमाणित सर्टिफिकेट जारी किया गया है। दो साल की अवधि पूरी होने के बाद पुनः सर्टिफाइड करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
भोग योजना के तहत दुकानदारों को मिला प्रशिक्षण
खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भोग योजना चलाई गई, जिसके तहत दियोटसिद्ध में खाद्य वस्तुओं की दुकानें करने वाले दुकानदारों को FSSAI द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रमाणन जारी करने की प्रक्रिया
एफएसएसएआई के कार्यकारी निदेशक यूएस ध्यानी द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया गया है। भविष्य में प्रमाणन जारी रखने के लिए जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।