पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर जानलेवा हमला, PSO और गाड़ी की वजह से बची जान। मौके से कुल 26 खोल बरामद हुए, बेटे ईशान ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाए।
पीएसओ ने जान पर खेलकर बचाई बंबर ठाकुर की जान
बिलासपुर में होली के दिन बंबर ठाकुर पर जानलेवा हमला हुआ। हमलावरों ने बंबर ठाकुर पर blind firing की, लेकिन निशाना चूकने से उनकी जान बच गई। दो हमलावरों ने बंबर ठाकुर को सीधे निशाना बनाया, जबकि पीछे खड़े दो हमलावरों ने वहां मौजूद युवकों पर बिल्कुल पास से फायरिंग की, लेकिन miss target करने की वजह से बड़ा हादसा टल गया।
इनोवा गाड़ी बनी जान बचाने का सहारा
इस हमले के दौरान बंबर ठाकुर के साथ मौजूद पीएसओ ने साहस दिखाते हुए हमलावरों का सामना किया। बंबर ठाकुर के जांघ पर गोली लगने के बाद वह नीचे गिर गए। इस बीच उन्होंने इनोवा गाड़ी के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई। हमलावर ने बंबर ठाकुर को टारगेट करते हुए फायर किया, लेकिन गोली इनोवा गाड़ी पर लगी। अगर गाड़ी वहां मौजूद न होती, तो बंबर ठाकुर को और भी गोलियां लग सकती थीं।
26 खाली खोल बरामद, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना स्थल पर खड़ी इनोवा गाड़ी में गोली के निशान मिले हैं। पुलिस को वहां से 26 empty shells भी मिले हैं। घटना के बाद मौके पर मौजूद युवकों ने हमलावरों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन हमलावर फायरिंग करते हुए भाग निकले। फिलहाल बंबर ठाकुर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उनके घर और पत्नी के सरकारी आवास पर पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
छोटे बेटे ईशान ठाकुर का बड़ा खुलासा
बंबर ठाकुर के छोटे बेटे ईशान ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, वे पिछले साल भी उनके पिता पर हमले में शामिल थे। ईशान ने कहा कि हमले के पीछे organized conspiracy हो सकती है और इसमें बड़े स्तर पर लोग शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग भी इस साजिश में शामिल हो सकते हैं और पुलिस को उनकी call details की जांच करनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी।