चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर हिमाचल प्रदेश में देवी मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। श्रद्धालु मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए जुटने लगे हैं।का भोग लगेगा।
हिमाचल में नवरात्र की तैयारियां जोरों पर
चैत्र नवरात्र मेले के लिए देवी मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जा रहा है। 30 मार्च से 6 अप्रैल तक प्रदेश के पांच शक्तिपीठों में विशेष पूजा-अर्चना होगी। मां को विभिन्न प्रकार के भोग चढ़ाए जाएंगे। श्री बज्रेश्वरी देवी, श्री ज्वालामुखी, श्री नयनादेवी, श्री चामुंडा देवी और श्री चिंतपूर्णी मंदिर में स्नान, श्रृंगार और आरती का समय तय किया गया है।
चिंतपूर्णी मंदिर रात 11 से 12 बजे तक रहेगा बंद
श्रद्धालुओं के लिए चिंतपूर्णी मंदिर रात 11 से 12 बजे तक बंद रहेगा। मंदिर बिरादरी सभा के प्रधान रविंद्र छिंदा ने बताया कि सुबह 4 बजे मां के स्नान के बाद श्रृंगार किया जाएगा और आरती के साथ भोग लगाया जाएगा। दोपहर 11 से 12 बजे के बीच माता को भोग अर्पित करने के कारण मंदिर बंद रहेगा।
श्री चामुंडा मंदिर में अष्टमी पर विशेष पूजा
श्री चामुंडा देवी मंदिर में अष्टमी पर माता की विशेष पूजा होगी, जिसमें 108 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे। मंदिर सुबह 5:30 बजे खुलेगा और रात 10 बजे तक दर्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे माता का स्नान और श्रृंगार किया जाएगा।
श्री बज्रेश्वरी मंदिर में शत चंडी महायज्ञ
श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर नवरात्र के दौरान सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। यहां शत चंडी महायज्ञ किया जाएगा। सप्तमी, अष्टमी और नवमी को सुबह 3 बजे मंदिर खोला जाएगा। माता को सुबह 5 बजे स्नान, श्रृंगार और आरती के बाद चना-पूरी और मेवे का भोग अर्पित किया जाएगा।
श्री नयना देवी मंदिर में चार आरतियां
श्री नयना देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान रात 12 से 2 बजे तक माता का स्नान और श्रृंगार होगा, इसके बाद एक साथ चार आरतियां होंगी। मंदिर में दोपहर 12:30 बजे और शाम को विशेष भोग चढ़ाया जाएगा, जिसमें हलवा, चने, पूरी, बर्फी, मेवा और फल शामिल होंगे।
सुबह 4 बजे खुलेंगे ज्वालामुखी मंदिर के कपाट
श्री ज्वालामुखी मंदिर सुबह 4 बजे खुलेगा और रात को अंतिम श्रद्धालु के दर्शन करने तक खुला रहेगा। सुबह 4 से 5 बजे तक स्नान और श्रृंगार के बाद मंगल आरती होगी। माता को सुबह मालपूड़े, पीले चावल और दही का भोग अर्पित किया जाएगा, जबकि शाम को पूरी-चने का भोग लगाया जाएगा।