हिमाचल प्रदेश में एक सोसाइटी द्वारा अवैध रूप से कारोबार कर करोड़ों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। इस सोसाइटी ने बड़े निवेश और आकर्षक रिटर्न का लालच देकर लोगों से पैसा इकट्ठा किया और फिर रकम लेकर फरार हो गई।
सोसायटी ने लोगों से ऐंठे 500 करोड़ रुपये
ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी नौ साल तक हिमाचल में अवैध रूप से काम करती रही और हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई। सोसायटी के पास करीब 500 करोड़ रुपये जमा हैं। अब शिकायतें मिलने के बाद सेंट्रल रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी ने विघटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बिना मंजूरी चला रही थी कारोबार
मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी (MSCS) एक्ट 2022 के तहत सोसायटी को पहले सेंट्रल रजिस्ट्रार से अनुमति लेनी थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
उसे केवल दिल्ली, झारखंड और पश्चिम बंगाल में काम करने की मंजूरी थी, लेकिन हिमाचल में भी कारोबार शुरू कर दिया।
नियमों की अनदेखी कर खोले 37 केंद्र
सोसायटी ने 2016 में स्टेट कोऑपरेटिव रजिस्ट्रार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लिया, लेकिन सेंट्रल रजिस्ट्रार से संशोधित मंजूरी नहीं ली।
इसके बावजूद प्रदेश में 37 सुविधा केंद्र खोलकर लोगों से निवेश लिया।
गलत पते का इस्तेमाल, गड़बड़ियों का खुलासा
सोसायटी ने 2022-23 में अपने कार्यालय का पता गलत दिया।
ऑफिस नंबर 305, सेवन वंडर बिजनेस सेंटर, प्रीत विहार, दिल्ली बताया, लेकिन असल पता डी-5, लक्ष्मी नगर, दिल्ली निकला।
नोटिस पर नहीं दिया जवाब, जांच के बाद बड़ा खुलासा
2024 की शुरुआत से ही सोसायटी की गतिविधियां संदिग्ध थीं।
सेंट्रल रजिस्ट्रार ने हरियाणा के प्रवीण कुमार की शिकायत पर जांच शुरू की।
15 अप्रैल 2024 को नोटिस जारी हुआ, लेकिन सोसायटी ने कोई जवाब नहीं दिया।
अब प्रशासन सोसायटी की संपत्तियों को बेचकर निवेशकों की देनदारियां निपटाने की योजना बना रहा है। इस घोटाले से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, जो अपनी गाढ़ी कमाई खो चुके हैं।