राज्य सरकार ने पहली बार ड्रग एडिक्ट और ड्रग सिंडिकेट में फर्क किया है। नए विधेयक में प्रावधान है कि ड्रग एडिक्ट यदि पकड़ा जाता है, तो उसे जेल भेजने के बजाय अस्पताल या सरकार से मान्यता प्राप्त सेंटर में भेजा जाएगा और इलाज करवाया जाएगा। पहली बार इस तरह के अपराध में प्रॉसिक्यूशन नहीं होगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने विधानसभा में नया विधेयक पेश किया, जिसमें नशा करने वालों को जेल की बजाय इलाज के लिए अस्पताल भेजने का प्रावधान किया गया है।
हिमाचल सरकार ने पेश किया नया ड्रग्स डी-एडिक्शन और रिहैबिलिटेशन बिल
हिमाचल सरकार ने विधानसभा में बुधवार को ड्रग्स डी-एडिक्शन और पुनर्वास को प्रभावी बनाने के लिए “हिमाचल प्रदेश ड्रग्स एंड कंट्रोल्ड सब्सटेंस प्रीवेंशन, डी-एडिक्शन एंड रिहैबिलिटेशन बिल-2025” पेश किया।
एनडीपीएस एक्ट में जोड़े गए नए प्रावधान
इस बिल में एनडीपीएस एक्ट के साथ नए प्रावधान जोड़े गए हैं, जिससे ड्रग एडिक्ट और ड्रग सिंडिकेट के बीच अंतर किया गया है।
ड्रग एडिक्ट को मिलेगी चिकित्सा सुविधा, नहीं होगी जेल
अगर कोई ड्रग एडिक्ट पकड़ा जाता है, तो उसे जेल भेजने के बजाय अस्पताल या सरकार से मान्यता प्राप्त डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती किया जाएगा और उसका इलाज करवाया जाएगा। पहली बार अपराध करने पर प्रॉसिक्यूशन नहीं होगी।
डी-एडिक्शन और रिहैबिलिटेशन के लिए बनेगा स्टेट फंड
इस नए कानून के तहत डी-एडिक्शन और पुनर्वास के लिए स्टेट फंड बनाया जाएगा, जिसमें कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) के माध्यम से भी फंडिंग की जा सकेगी। इसका ऑडिट कैग (CAG) करेगा।
सख्त सजा और बढ़ी हुई पेनल्टी
कम मात्रा में ड्रग्स पाए जाने पर भी दो साल की जेल का प्रावधान, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा।
माइनर (बच्चों) को ड्रग्स बेचने वालों की सजा बढ़ाई गई।
शैक्षणिक संस्थानों के पास ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों पर कड़ी पेनल्टी लगाई गई है।
स्पेशल कोर्ट में होगी ड्रग्स मामलों की सुनवाई
इस कानून के तहत स्पेशल कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, जिनकी अध्यक्षता सेशन जज करेंगे।
कोई भी प्रॉसिक्यूशन डीएसपी से नीचे के अधिकारी के माध्यम से नहीं किया जाएगा।
गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट को पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की राय सुननी अनिवार्य होगी, ताकि अपराधियों को आसानी से जमानत न मिले।
ड्रग्स से अर्जित संपत्ति जब्त करने का प्रावधान
इस कानून में ड्रग्स की कमाई से अर्जित संपत्ति को जब्त करने का अधिकार दिया गया है। इसके अलावा, जो पुलिस अधिकारी इस कानून के तहत जांच करेंगे, उनके खिलाफ कोई लीगल प्रोसीडिंग्स या मुकदमा दायर नहीं किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल का बयान
स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने बताया कि हिमाचल में ड्रग एब्यूज और उसकी अवैध तस्करी को रोकने के लिए इस नए कानून की जरूरत थी। पहली बार इसमें डी-एडिक्शन और रिहैबिलिटेशन सेंटर को अनिवार्य किया गया है।
संगठित अपराध पर रोक के लिए नया विधेयक
बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संगठित अपराध को रोकने के लिए भी एक नया विधेयक विधानसभा में पेश किया।