हिमाचल में चिट्टे की लत के कारण युवक ने अपनी नौकरी गंवा दी और पत्नी ने भी साथ छोड़ दिया। जानें पूरी खबर और नशे के बढ़ते खतरे से जुड़ी अहम जानकारी।
हिमाचल में नशे का दंश: सरकारी नौकरी गई, पत्नी ने भी छोड़ा साथ
थाना अंब के तहत एक गांव का व्यक्ति drug addiction की चपेट में आकर अपनी पूरी जिंदगी बर्बाद कर बैठा। सरकारी नौकरी छूट गई और पत्नी ने भी उसका साथ छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, यह व्यक्ति पहले सरकारी सेवा में था। पिता सेना से retired थे और भाई अभी भी सेना में कार्यरत है। लेकिन drug mafia के संपर्क में आने के बाद वह chitta addiction का शिकार हो गया।
पत्नी ने उसकी बिगड़ती हालत को देखा और कुछ ही समय में उसे छोड़ दिया
शादी के बाद पत्नी ने उसकी बिगड़ती हालत को देखा और कुछ ही समय में उसे छोड़ दिया। वहीं, लगातार absent रहने के कारण विभाग ने उसे नौकरी से terminate कर दिया। सब कुछ खोने के बावजूद वह नशे की आदत नहीं छोड़ सका। अब वह गांव में अकेला रह रहा था और supplier बन गया। लेकिन सोमवार को Dehra police ने उसे दो अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। SHO Amb Anil Upadhyay ने बताया कि आरोपी को chitta smuggling के आरोप में पकड़ा गया है और उसकी पूरी criminal history खंगाली जा रही है।
बिना दोष सिद्ध हुए नशा तस्कर को जेल
जिला कांगड़ा में पुलिस ने strict action लेते हुए एक drug peddler को बिना दोष सिद्ध हुए ही तीन महीने की जेल भेज दिया। धर्मशाला के सकोह निवासी किरण कुमार लंबे समय से illegal drug trade में शामिल था। कांगड़ा पुलिस ने राज्य सरकार की अनुमति से anti-drug operations के तहत इस पर कार्रवाई की।
किरण कुमार, पुत्र राजेश कुमार, निवासी वार्ड नंबर 9, तहसील धर्मशाला, के खिलाफ Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act के तहत छह केस दर्ज थे। बार-बार नशे के व्यापार में लिप्त पाए जाने के कारण पुलिस ने उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।
SP Kangra, IPS Shalini Agnihotri ने बताया कि पुलिस नशे के पूर्ण उन्मूलन के लिए पूरी तरह committed है। जिले में drug trafficking को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार effective operations चलाए जा रहे हैं।