शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल ने 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दे दी है। लंबे समय के फंसे इस मामले में आखिर वर्क ऑर्डर जारी करने को परमिशन दी गई है। बताया जाता है कि इलेक्ट्रिक बसों की मेंटेनेंस भी 12 साल तक कंपनी ही करेगी जिसका प्रावधान पहली बार इसमें रखा गया है।हिमाचल सरकार ने 297 इलेक्ट्रिक और 24 वोल्वो बसों की खरीद को मंजूरी दी। इन बसों की मेंटेनेंस 12 साल तक कंपनी करेगी, जिससे परिवहन सेवा में बड़ा सुधार होगा।
इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के निदेशक मंडल ने 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से अटके इस मामले में अब वर्क ऑर्डर जारी करने की अनुमति मिल गई है। खास बात यह है कि इन बसों की मेंटेनेंस 12 साल तक कंपनी द्वारा की जाएगी। हालांकि, इस नए प्रावधान से बसों की लागत बढ़ गई है। पहले इनकी कीमत 1.25 करोड़ रुपए प्रति बस थी, जो अब बढ़कर 1.71 करोड़ रुपए हो गई है। सरकार नाबार्ड के माध्यम से इस योजना को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।
24 वोल्वो बसों की भी मंजूरी
शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर में निदेशक मंडल की बैठक हुई। बैठक में 24 सुपर डीलक्स वोल्वो बसों की खरीद को भी स्वीकृति दी गई। ये बसें बीएस-6 मानकों के अनुरूप होंगी और इनकी कीमत 1.52 करोड़ रुपए प्रति बस होगी। इन बसों के टेंडर पहले ही हो चुके हैं और अब वर्क ऑर्डर जारी करने की मंजूरी दी गई है।
250 डीजल बसों की खरीद पर विचार
एचआरटीसी 250 डीजल बसों की खरीद के लिए भी टेंडर जारी कर चुका है। अब तक दो प्रमुख कंपनियां – अशोक लीलैंड और टाटा – ने इस टेंडर में भाग लिया है। वहीं, 100 मिनी-मिडी बसों की खरीद के लिए केवल टेंपो ट्रैवलर कंपनी ने बिड लगाई थी, लेकिन समझौता नहीं हो सका। अब निदेशक मंडल ने निर्णय लिया है कि नई शर्तों के साथ चैसिस बिल्ड कंपनियों से टेंडर मंगवाए जाएंगे।
350 करोड़ की राशि स्वीकृत
इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए हिमाचल सरकार ने एचआरटीसी को नाबार्ड से 350 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है, और विधायकों की प्राथमिकता योजना में भी इसे शामिल किया गया है। निदेशक मंडल ने निर्देश दिए हैं कि बसों की खरीद प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।