कांगड़ा जिले को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि धर्मशाला में हिमाचल हाई कोर्ट की बेंच खोलने की योजना पर रोक लग गई है। इससे स्थानीय लोगों में निराशा है।
धर्मशाला में नहीं खुलेगी हाई कोर्ट की बेंच
धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट की बेंच स्थापित करने को लेकर सरकार का कोई विचार नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक अधिकरण स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है, जो भारत सरकार की मंजूरी के बाद शुरू किया जाएगा।
लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारी
कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा ने दो वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत आईएएस, एचएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 85 एचएएस, 44 आईएएस, 17 आईपीएस और 17 आईएफएस अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं। हालांकि, इन अधिकारियों के खिलाफ कोई विभागीय जांच लंबित नहीं है, लेकिन एक आईपीएस अधिकारी के खिलाफ मामला अदालत में विचाराधीन है।
बस ऑपरेटरों को नहीं मिला उपदान
कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान बस ऑपरेटरों को आर्थिक राहत देने के लिए सरकार ने कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज उपदान योजना शुरू की थी। हालांकि, अब तक किसी भी बस ऑपरेटर को इस योजना के तहत उपदान जारी नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना से 8155 लाभार्थी हुए लाभान्वित
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 8155 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3730 और 2024-25 में 4425 लाभार्थियों को इस योजना के तहत लाभ मिला है। इस योजना में विभिन्न निजी संस्थाओं और व्यक्तियों से कुल 7 करोड़ 85 लाख 19 हजार 174 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है, जिसमें से 5 करोड़ 70 लाख 7 हजार 674 रुपये राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री सुखाश्रय कोष में और 2 करोड़ 15 लाख 11 हजार रुपये अन्य योजना में दिए गए हैं।