हिमाचल में संगठित अपराध पर नकेल कसने के लिए नया बिल पेश

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मुख्यमंत्री की ओर से लाए गए इस विधेयक को हिमाचल प्रदेश ऑर्गेनाइज्ड क्राइम प्रीवेंशन एंड कंट्रोल बिल-2025 का नाम दिया गया है। यह ड्रग्स नेटवर्क को तोडऩे, अवैध खनन रोकने, वन कटान और साइबर अपराधों के नेटवर्क के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकेगा।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने संगठित अपराध को रोकने के लिए नया बिल पेश किया। जानिए इस कानून के तहत कौन-कौन से अपराध आएंगे और इसके प्रावधान क्या हैं।

हिमाचल में संगठित अपराध पर नकेल, नया बिल पेश

हिमाचल सरकार ने organized crime को रोकने के लिए Himachal Pradesh Organized Crime Prevention and Control Bill-2025 विधानसभा में पेश किया। यह कानून drugs network, illegal mining, cyber crime और वन कटान जैसे अपराधों को रोकने के लिए लागू किया जाएगा। अपराधियों को फांसी से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त होगी, जिसे नीलाम भी किया जा सकेगा। District Magistrate संपत्ति की जब्ती की प्रक्रिया पूरी करेंगे और SP या Commissioner of Police कोर्ट से अनुमति लेंगे।

अपराधियों के लिए कंपाउंडिंग का प्रावधान

अगर कोई अपराधी तीन साल तक की सजा वाले अपराध में दोषी पाया जाता है, तो state government के secretary-level अधिकारी 70% कंपाउंडिंग फीस लेकर मामले का निपटारा कर सकते हैं। इस बिल के तहत जांच अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।

स्टांप ड्यूटी में बढ़ोतरी, 6% से 12% हुई

राज्य सरकार ने stamp duty को 6% से बढ़ाकर 12% करने के लिए भी एक विधेयक पेश किया। यह Revenue Minister द्वारा रखा गया और Governor की अनुमति से पहले ही लागू किया जा चुका है। अब इसे सदन की मंजूरी के लिए विधेयक के रूप में पेश किया गया।

ड्रग एडिक्ट के लिए जेल नहीं, अस्पताल भेजने का प्रावधान

सरकार ने drug de-addiction और rehabilitation को लेकर एक नया बिल पेश किया। इसमें NDPS Act के साथ नए प्रावधान जोड़े गए हैं। पहली बार drug addict और drug syndicate को अलग-अलग परिभाषित किया गया है। नए कानून के तहत ड्रग एडिक्ट को जेल के बजाय सरकारी मान्यता प्राप्त रिहैब सेंटर या अस्पताल में भेजकर इलाज करवाया जाएगा।

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