हिमाचल प्रदेश में कम नामांकन वाले सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को मर्ज करने की योजना बनाई गई है।
हिमाचल में शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव
नए शिक्षा सत्र से पहले Himachal Pradesh में बड़े बदलाव होने वाले हैं। Education में consolidation और सुधार की दिशा में सरकार ने अहम फैसले लिए हैं। राज्य मंत्रिमंडल ने कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेकर शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की योजना बनाई है।
सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में होगा बदलाव
सरकार ने फैसला किया है कि जिन Senior Secondary Schools में 10 से कम छात्र हैं, उन्हें downgrade किया जाएगा। इन स्कूलों में 10वीं तक की कक्षाएं जारी रहेंगी, लेकिन +1 और +2 की कक्षाएं हटाई जाएंगी। ऐसे में छात्रों को नजदीकी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे शिक्षा का स्तर और संसाधनों का उचित उपयोग हो सके।
कम एडमिशन वाले डिग्री कॉलेज होंगे बंद
राज्य मंत्रिमंडल ने degree colleges को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया है। जिन कॉलेजों में 75 से कम छात्र एडमिशन लेते हैं, उन्हें shut down किया जाएगा। पहले यह सीमा 100 छात्रों की थी, लेकिन अब इसे घटाकर 75 किया गया है।
Important Point:
हिमाचल में 100 से कम छात्र संख्या वाले 21 कॉलेज हैं।
इनमें से 5 पहले से ही नॉन-फंक्शनल हैं।
नए फैसले से 10-12 कॉलेज प्रभावित होंगे।
बंद होने वाले कॉलेजों के छात्रों को दूसरे कॉलेज में स्थानांतरित करने के लिए यात्रा भत्ता देने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
ब्वॉयज और गर्ल्स स्कूल होंगे मर्ज
शहरी क्षेत्रों या District Headquarters में चल रहे ब्वॉयज और गर्ल्स स्कूल अब co-education में बदल दिए जाएंगे। यानी, अलग-अलग स्कूलों को मिलाकर एक ही संस्थान में पढ़ाई करवाई जाएगी।
शिक्षा विभाग बनाएगा गाइडलाइन
इन सभी फैसलों को लागू करने के लिए Education Department को guidelines तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। गाइडलाइन के final होते ही इसका notification जारी कर दिया जाएगा।
New Session 2025-26 में इन बदलावों के साथ युक्तिकरण प्रक्रिया भी लागू होगी। इसके तहत बंद किए गए शिक्षण संस्थानों के स्टाफ का अन्य स्थानों पर उपयोग किया जाएगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।