इस रिपोर्ट में नुकसान का खुलासा हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान पीडब्ल्यूडी को पेश आया है। पीडब्ल्यूडी का नुकसान 75 करोड़ के आसपास है और अभी भी शिमला, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के पांगी क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। हालांकि इनमें से कई क्षेत्र ऐसे हैं जिनके आंकड़े रिपोर्ट में जुडऩा बाकी है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी से करीब 100 करोड़ का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (PWD) को हुआ है।
हिमाचल में बर्फबारी से करीब एक अरब का नुकसान, सबसे ज्यादा PWD प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में इस साल की भारी बर्फबारी से करीब एक अरब (100 करोड़) का नुकसान हुआ है। राज्य सरकार को विभिन्न विभागों से नुकसान की रिपोर्ट मिली है, जिसमें सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग (PWD) को हुआ है।
PWD को हुआ सबसे अधिक नुकसान
हिमाचल में बर्फबारी से PWD को करीब 75 करोड़ का नुकसान हुआ है।
शिमला, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के पांगी क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया है।
इन जिलों के कुछ क्षेत्रों के आंकड़े अभी रिपोर्ट में शामिल नहीं हुए हैं, जिससे कुल नुकसान बढ़ने की संभावना है।
अन्य विभागों को भी बड़ा नुकसान
जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड को भी बर्फबारी से भारी नुकसान हुआ है।
मनरेगा (MGNREGA) के तहत बनाए गए डंगे और छोटे मार्ग भी प्रभावित हुए हैं।
ग्रामीण इलाकों में पंचायतें नुकसान का आकलन कर रही हैं और इसकी रिपोर्ट जल्द सरकार को भेजी जाएगी।
केंद्र सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट
हिमाचल सरकार यह रिपोर्ट मार्च के अंत तक केंद्र को भेजेगी।
बर्फबारी का सीजन अप्रैल तक जारी रहता है, इसलिए नुकसान के आंकड़े बढ़ सकते हैं।
सीजन के बाद केंद्र सरकार की टीम नुकसान का जायजा लेने हिमाचल आएगी।
पहले भी बारिश से हुआ था बड़ा नुकसान
इससे पहले 2023 की बारिश से हिमाचल को करीब 1360 करोड़ का नुकसान हुआ था।
पीडब्ल्यूडी ने 633 करोड़, जल शक्ति विभाग ने 540 करोड़, बागवानी विभाग ने 139 करोड़ और कृषि विभाग ने 1.32 करोड़ का नुकसान दर्ज किया था।
राज्य सरकार ने केंद्र पर नुकसान की भरपाई न करने का आरोप लगाया था।
नुकसान बढ़ने की संभावना
अप्रैल तक बर्फबारी के जारी रहने की संभावना है, जिससे नुकसान के आंकड़े और बढ़ सकते हैं। देखना यह होगा कि केंद्र सरकार हिमाचल को इस नुकसान की भरपाई के लिए कितनी सहायता देती है।