सहकारी सभा शाहतलाई में हुए करोड़ों के घोटाले की भरपाई के लिए दोषियों से वसूली की जाएगी। इसके लिए उनकी संपत्ति को सभा के साथ अटैच किया जाएगा। इस मामले में सभा के पूर्व सचिव सहित तत्कालीन मैनेजमैंट के सदस्यों से 38 करोड़ रुपए की वसूली की जानी है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने निवेशकों के पैसे की वापसी के लिए दोषियों से वसूली का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
घोटाले की भरपाई के लिए दोषियों से वसूली
शाहतलाई सहकारी सभा (Shahatlai Cooperative Society) में हुए 33 करोड़ रुपये के घोटाले की भरपाई के लिए दोषियों से वसूली की जाएगी। इसके तहत दोषियों की संपत्ति को सभा के साथ अटैच (Attach) किया जाएगा। इस मामले में सभा के पूर्व सचिव और तत्कालीन मैनेजमेंट के 10 सदस्यों से कुल 38 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
छह साल से निवेशक कर रहे हैं पैसे की मांग
घोटाले के कारण पिछले छह सालों से निवेशकों को उनकी जमा पूंजी नहीं मिल पाई है। इससे परेशान निवेशकों ने सहायक पंजीयक (Assistant Registrar) के पास पहुंचकर अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की। सहायक पंजीयक ने आश्वासन दिया है कि सभी निवेशकों को उनका पैसा जल्द वापस दिलाया जाएगा।
संघर्ष समिति ने की कार्रवाई की मांग
संघर्ष समिति (Struggle Committee) के प्रधान भजन लाल ने बताया कि शाहतलाई सहकारी सभा में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जमा पूंजी (Savings) इस उम्मीद में जमा करवाई थी कि जरूरत के समय उन्हें सहारा मिलेगा। लेकिन करीब छह साल बीत जाने के बावजूद उनका पैसा नहीं लौटाया गया है।
घोटाले में शामिल लोग रहे हैं हवालात में
इस घोटाले में तलाई सहकारी सभा के पूर्व सचिव और तत्कालीन निदेशक मंडल के 10 सदस्यों सहित दो अन्य लोग पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इस मामले की FIR मार्च 2019 में थाना शाहतलाई में दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
कलेक्टर ने दिए थे वसूली के आदेश
मामला कलेक्टर कम सहायक पंजीयक बिलासपुर के पास लंबित था। जुलाई 2024 में तत्कालीन सहायक पंजीयक ने सभा के पूर्व सचिव और मैनेजमेंट कमेटी से 38 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश दिए थे। लेकिन दोषियों द्वारा अब तक पैसा जमा नहीं किया गया है। अब प्रशासन ने दोषियों की संपत्ति अटैच कर निवेशकों का पैसा लौटाने की प्रक्रिया शुरू की है।