कांगड़ा के गांधीवादी नेता लक्ष्मी दास दिल्ली में बने कांगड़ा सहकारी बैंक लिमिटेड के चेयरमैन खादी और ग्रामोद्योग कमीशन के पूर्व अध्यक्ष और कांगड़ा के गांधीवादी नेता लक्ष्मी दास राजधानी दिल्ली में हिमाचलियों द्वारा संचालित दिल्ली के सबसे बड़े सहकारी बैंक कांगड़ा सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष चुने गए हैं।
गांधीवादी नेता लक्ष्मी दास को कांगड़ा सहकारी बैंक लिमिटेड का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। दिल्ली में आयोजित बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से यह जिम्मेदारी सौंपी गई। लक्ष्मी दास का सहकारिता क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है, जिससे बैंक को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।
निर्वाचन में बड़ी जीत
खादी और ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष और कांगड़ा के गांधीवादी नेता लक्ष्मी दास को दिल्ली में संचालित कांगड़ा सहकारी बैंक लिमिटेड का नया अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी सुदेश शुक्ला को 2347 मतों से हराकर रिकॉर्ड जीत दर्ज की। उनकी इस बड़ी जीत से उनके पैनल ने बैंक के सभी पदाधिकारियों और निदेशक मंडल के चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल की।
पांचवीं बार बने अध्यक्ष
यह पहली बार नहीं, बल्कि लक्ष्मी दास पांचवीं बार इस प्रतिष्ठित पद पर चुने गए हैं। उनका सहकारिता क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है और उनके नेतृत्व में बैंक को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित सफर
75 वर्षीय लक्ष्मी दास का जन्म बाथू टिपरी, जिला कांगड़ा में हुआ। उन्होंने 1962 में राजकीय उच्च विद्यालय बाथू टिपरी से मैट्रिक पास किया। इसके बाद, 1963 में आचार्य विनोबा भावे से प्रेरित होकर भूदान आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी।
सहकारिता क्षेत्र में सक्रिय भूमिका
लक्ष्मी दास ने हिमाचल खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष और हिमाचल भूदान बोर्ड के सदस्य सचिव के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में, वह हिमाचल खादी ग्रामोद्योग फेडरेशन और ऑल कोपरेटिव बैंक एंड क्रेडिट सोसाइटीज के अध्यक्ष हैं।
हिमाचली समुदाय में खुशी की लहर
उनके चुनाव पर दिल्ली में कार्यरत हिमाचली संस्थाओं ने उन्हें बधाई दी और इसे हिमाचल के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उनकी इस जीत से दिल्ली में रहने वाले हिमाचलियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।