14वें दलाई लामा ने संकेत दिया है कि उनका उत्तराधिकारी चीन के बाहर के किसी स्वतंत्र देश में चुना जाएगा। ऐसी अटकलें हैं कि नया दलाई लामा भारत में जन्मा कोई तिब्बती बौद्ध बालक हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह तिब्बती स्वतंत्रता आंदोलन के लिए एक बड़ा संदेश होगा और चीन के प्रभाव को कमजोर करेगा।
धर्मगुरु ने कहा कि अगला दलाई लामा चीन के बाहर से चुना जाएगा, जिसमें भारत से भी उत्तराधिकारी होने की संभावना है
दलाई लामा का बड़ा बयान: अगला उत्तराधिकारी चीन के बाहर से होगा
तिब्बती बौद्ध धर्म के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने अपनी नई पुस्तक “वॉयस फॉर द वॉइसलेस” में कहा है कि उनके उत्तराधिकारी का जन्म चीन के बाहर होगा। इस बयान के बाद तिब्बती उत्तराधिकार को लेकर चीन और तिब्बत के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। दलाई लामा ने कहा कि दुनिया भर के तिब्बती चाहते हैं कि उनकी मृत्यु के बाद भी दलाई लामा की संस्था जारी रहे।
उत्तराधिकारी के लिए भारत का विकल्प मजबूत
अब तक दलाई लामा की नियुक्ति तिब्बत में जन्मे किसी बच्चे को खोजकर की जाती थी। लेकिन इस बार दलाई लामा ने संकेत दिया है कि उनका उत्तराधिकारी चीन के बाहर के किसी स्वतंत्र देश में चुना जाएगा। ऐसी अटकलें हैं कि नया दलाई लामा भारत में जन्मा कोई तिब्बती बौद्ध बालक हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह तिब्बती स्वतंत्रता आंदोलन के लिए एक बड़ा संदेश होगा और चीन के प्रभाव को कमजोर करेगा।
चीन को नहीं होगा उत्तराधिकारी चयन का अधिकार
14वें दलाई लामा ने साफ कर दिया है कि चीन को उनके उत्तराधिकारी के चयन का कोई अधिकार नहीं होगा। इससे चीन की राजनीतिक स्थिति पर असर पड़ सकता है, क्योंकि तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु की संस्था तिब्बती लोगों के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है।
जुलाई में हो सकती है घोषणा
14वें दलाई लामा ने संकेत दिया है कि उनके उत्तराधिकारी की औपचारिक घोषणा जुलाई में हो सकती है। तिब्बती बौद्ध परंपरा के अनुसार, जब दलाई लामा शरीर त्यागते हैं, तो उनका नया अवतार खोजा जाता है। लेकिन इस बार उत्तराधिकारी का चयन तिब्बत की बजाय भारत या किसी अन्य स्वतंत्र देश से किया जा सकता है।