प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत कांगड़ा को अधिक सड़कें मिली हैं, जबकि लाहुल को अपेक्षाकृत कम हिस्सेदारी दी गई है। इससे स्थानीय विकास को लेकर असंतोष देखा जा रहा है।प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना पीएमजेएसवाई के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023-24 के दौरान 2683 किलोमीटर लंबी सडक़ों और 22 पुलों की 254 सडक़ परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी।
PMGSY के तहत हिमाचल में सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत हिमाचल प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान कुल 2683 किलोमीटर लंबी सड़कों और 22 पुलों की 254 सड़क परियोजनाओं (road projects) को स्वीकृति (approval) दी गई थी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कांगड़ा-चंबा के लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज (Dr. Rajeev Bhardwaj) के सवाल के जवाब में यह जानकारी संसद में दी।
जिला वार स्वीकृत सड़क परियोजनाएं
PMGSY के तहत विभिन्न जिलों में स्वीकृत सड़क परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
- बिलासपुर – 185 किलोमीटर लंबी सड़कें और 19 सड़क परियोजनाएं।
- चंबा – 167 किलोमीटर लंबी सड़कें, एक पुल और 17 सड़क परियोजनाएं।
- हमीरपुर – 178 किलोमीटर लंबी सड़कें और 21 सड़क परियोजनाएं।
- कांगड़ा – 502 किलोमीटर लंबी सड़कें, पांच पुल और 55 सड़क परियोजनाएं।
- कुल्लू – 103 किलोमीटर लंबी सड़कें, एक पुल और 10 सड़क परियोजनाएं।
- लाहुल-स्पीति – केवल 64 किलोमीटर लंबी सड़कें और 7 सड़क परियोजनाएं।
- मंडी – 322 किलोमीटर लंबी सड़कें और 23 सड़क परियोजनाएं।
- शिमला – 549 किलोमीटर लंबी सड़कें और 46 सड़क परियोजनाएं।
- सिरमौर – 163 किलोमीटर लंबी सड़कें और 12 सड़क परियोजनाएं।
- सोलन – 291 किलोमीटर लंबी सड़कें, चार पुल और 25 सड़क परियोजनाएं।
- ऊना – 159 किलोमीटर लंबी सड़कें, 11 पुल और 19 सड़क परियोजनाएं।
कांगड़ा को अधिक, लाहुल को कम हिस्सेदारी
कांगड़ा को सबसे अधिक 502 किलोमीटर लंबी सड़कें और 55 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जबकि लाहुल-स्पीति को केवल 64 किलोमीटर लंबी सड़कें और 7 परियोजनाएं ही मिली हैं। इससे स्थानीय स्तर पर असंतोष (dissatisfaction) देखा जा रहा है। लाहुल-स्पीति के लोग सरकार से equal distribution की मांग कर रहे हैं ताकि सभी क्षेत्रों को समान विकास (equal development) का लाभ मिल सके।