प्राइवेट बस ऑपरेटर अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। अगले सप्ताह होने वाली बैठक में नई रणनीति बनाई जाएगी। जानें क्या हैं उनकी प्रमुख मांगें और आगे की योजना।
प्राइवेट बस ऑपरेटर चाहते हैं कि सरकार के साथ बातचीत के जरिए मामला हल हो जाए अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह लोग हड़ताल करेंगे। इससे पहले भी सरकार को कई बार प्राइवेट बस ऑपरेटर अपनी मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंप चुके हैं, परंतु उसे पर कोई भी निर्णय सरकार की तरफ से नहीं लिया गया है।
प्राइवेट बस ऑपरेटरों की आर-पार की तैयारी
हिमाचल प्रदेश के प्राइवेट बस ऑपरेटर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई की तैयारी में हैं। अगले सप्ताह होने वाली बैठक में हड़ताल की रणनीति तय की जाएगी।
20 अप्रैल से हड़ताल की चेतावनी
बस ऑपरेटरों ने 20 अप्रैल से हड़ताल की चेतावनी दी है, लेकिन अब तक परिवहन विभाग को कोई लिखित ज्ञापन नहीं सौंपा गया है। विभाग फिलहाल उनकी आधिकारिक चिट्ठी का इंतजार कर रहा है।
सरकार से समाधान की उम्मीद
प्राइवेट बस ऑपरेटर चाहते हैं कि सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकाले। यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती, तो वे हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
पहले भी सौंप चुके हैं मांग पत्र
ऑपरेटर इससे पहले भी कई बार अपनी मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
महिला किराया छूट का विरोध
प्राइवेट बस ऑपरेटर सरकारी बसों में महिलाओं को 50% किराया छूट देने का भी विरोध कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार बजट में इस पर कोई नई घोषणा करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
3000 से ज्यादा प्राइवेट बसें प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में 3000 से अधिक प्राइवेट बसें संचालित हो रही हैं। यूनियन के महासचिव रमेश कमल के अनुसार, अगले सप्ताह होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।