शराब ठेकों की नीलामी से 150 करोड़ का मुनाफा, जानें पिछले साल की नीलामी और इस साल के लक्ष्य की पूरी जानकारी

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शराब के ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार को इस बार करीब 150 करोड़ रुपए का मुनाफा की संभावना है। दरअसल, बीते वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार की मंजूरी से आबकारी कराधान विभाग ने शराब के ठेकों की नीलामी से 2700 करोड़ रुपए के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य तय किया था, जबकि इस बार इस लक्ष्य को बढ़ाकर 2850 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

शराब ठेकों की नीलामी से इस बार 150 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। जानिए पिछले साल ठेकों की नीलामी कितने में हुई थी और इस साल सरकार का नया लक्ष्य क्या है।

नीलामी से 150 करोड़ के मुनाफे की संभावना

हिमाचल प्रदेश में शराब के ठेके एक बार फिर नीलाम होने जा रहे हैं। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद आबकारी कराधान विभाग (Excise and Taxation Department) ने नई पॉलिसी (Policy) को अंतिम रूप देने का काम शुरू कर दिया है। इस बार ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार को करीब 150 करोड़ रुपये के मुनाफे की संभावना है।

पिछले साल के मुकाबले बढ़ा राजस्व लक्ष्य

पिछले वित्तीय वर्ष में आबकारी कराधान विभाग ने शराब के ठेकों की नीलामी से 2700 करोड़ रुपये के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य तय किया था। इस बार इस लक्ष्य को बढ़ाकर 2850 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे सरकार को अधिक मुनाफा होने की उम्मीद है।

नीलामी प्रक्रिया और शर्तें

आबकारी कराधान विभाग 20 मार्च के बाद शराब के ठेकों की नीलामी शुरू करेगा और 1 अप्रैल से नए आदेश लागू हो जाएंगे। नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए ठेकेदारों को अंग्रेजी शराब की बिक्री के लिए एल-2 (L-2), एल-14 (L-14) और एल-14ए (L-14A) लाइसेंस के साथ टेंडर फीस जमा करनी होगी, जो वापस नहीं की जाएगी। एक ठेकेदार एक ही ठेके के लिए एक से अधिक आवेदन नहीं कर सकता।

शराब तस्करी पर सख्ती

नई पॉलिसी में शराब तस्करी (Smuggling) पर रोक लगाने के लिए कई कड़े नियम लागू किए गए हैं। हिमाचल में शराब के दाम पंजाब से कम रखे जाएंगे ताकि पड़ोसी राज्यों से अवैध तस्करी पर लगाम लगाई जा सके। इससे हिमाचल में शराब की कीमत पंजाब और हरियाणा से कम रहने की संभावना है।

हिमाचल में 2100 शराब ठेके

हिमाचल प्रदेश में इस समय कुल 2100 शराब ठेके हैं। भाजपा सरकार के कार्यकाल में शराब ठेकों की नीलामी में हर साल 10% बढ़ोतरी की जाती थी। कांग्रेस सरकार ने इस प्रक्रिया को रोक दिया और अब नई नीति के तहत ठेकों की नीलामी की जा रही है, जिससे सरकार को अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट से मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhvinder Singh Sukhu) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में ठेकों की नीलामी की मंजूरी दी गई है। इस बार सरकार ने 2850 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य को तय किया है।

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