स्पीति घाटी में पानी की पाइपें ठीक करते वक्त ग्लेशियर खिसकने से ग्रामीण दब गए। रेस्क्यू टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना का विवरण (Incident details)
जनजातीय क्षेत्र लाहुल-स्पीति (Lahaul-Spiti) की स्पीति घाटी में दो ग्रामीण ग्लेशियर की चपेट में आ गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए दोनों को बर्फ की कैद (snow trap) से सुरक्षित बाहर निकाला। बर्फ के अंदर से निकले दोनों ग्रामीणों के हंसते चेहरे (smiling faces) देखकर कोई भी यह नहीं कह सकता था कि वे मौत के कितने करीब थे।
पानी की पाइप ठीक करते वक्त हुआ हादसा (Pipe repairing incident)
घटना मुद गांव की है, जहां बीते एक सप्ताह से पेयजल सप्लाई (water supply) ठप थी। मंगलवार को गांव के कुछ लोग पानी के सोर्स को ठीक करने के लिए पहाड़ी पर गए थे। जब ग्रामीण वहां पानी की पाइप (water pipe) चढ़ा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में हिमस्खलन (avalanche) हुआ और दो ग्रामीण उसकी चपेट में आ गए।
समय पर बचाव (Timely rescue)
गनीमत रही कि ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन (rescue operation) शुरू किया और दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया था, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
पीड़ितों की पहचान (Victims’ identity)
बर्फ की चपेट में आए ग्रामीणों की पहचान जमेद पुत्र रिगजिन अंगरूप (जल शक्ति विभाग के कर्मी) और नावांग तंजिन पुत्र कालजंग छेरिंग निवासी मुद के रूप में हुई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया (Administration’s response)
मुद गांव के नंबरदार छेवांग ने बताया कि पानी न आने से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही थी। एसडीएम काजा शिखा ने कहा कि ग्रामीण जल शक्ति विभाग के कर्मियों के साथ पानी के सोर्स को ठीक करने गए थे। पिन घाटी (Pin Valley) के बीआरओ (BRO) ने बताया कि स्पीति उपमंडल के मुद गांव के मुद नाले में यह हिमस्खलन हुआ। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए हुए है।