विमल नेगी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पावर कारपोरेशन के उच्च अधिकारियों की ओर से उनका उत्पीडऩ किया जा रहा था, जिसके कारण वह तनाव में थे। रात को देर रात तक काम करवाया जाता था। अधिकारियों के दवाब में आकर उन्हें यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।विमल नेगी की मौत से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पेखुवेला परियोजना के कारण तनाव में थे। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, जबकि स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने तेज की जांच
चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि विमल नेगी पेखुवेला परियोजना के लिए समय विस्तार से संबंधित मुद्दों को लेकर काफी तनाव में थे। शिमला पुलिस की एसआईटी ने पावर कॉरपोरेशन के निदेशक देसराज के निजी सहायक राजीव ठाकुर से पूछताछ शुरू कर दी है।
कार्यालय से रिकॉर्ड जब्त
पुलिस ने एचपीपीसीएल कार्यालय से 106 परियोजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। एसएफएसएल टीम ने कार्यालय में पहुंचकर डिजिटल साक्ष्य जब्त किए, जिनमें नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर, सीसीटीवी फुटेज बैकअप रखने वाली हार्ड ड्राइव और पेन ड्राइव शामिल हैं।
तनाव में थे विमल नेगी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विमल नेगी अत्यधिक दबाव में थे। बायोमेट्रिक उपस्थिति रिकॉर्ड से पता चला कि वह आधी रात तक कार्यालय में रुकते थे और प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक काम करने के लिए मजबूर थे।
देसराज फरार
पुलिस के अनुसार, जब उन्होंने पावर कॉरपोरेशन के निदेशक देसराज से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका मोबाइल बंद मिला। देसराज ने अपने कार्यालय में रिपोर्ट नहीं की है और वह फिलहाल फरार हैं।
15 दिन में जांच रिपोर्ट देने के आदेश
अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को मामले की प्रशासनिक जांच सौंपी गई है। उन्हें 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
एचपीपीसीएल कर्मचारियों से पूछताछ जारी
शिमला पुलिस की एसआईटी एचपीपीसीएल कार्यालय के कर्मचारियों से लगातार पूछताछ कर रही है। मामले की गहनता से जांच करने के लिए शिमला पुलिस ने छह अधिकारियों की एसआईटी बनाई है।
परिवार का आरोप – उत्पीड़न के चलते उठाया कदम
विमल नेगी के परिजनों का आरोप है कि पावर कॉरपोरेशन के उच्च अधिकारियों द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। रात देर तक काम करवाया जाता था, जिससे वह मानसिक दबाव में थे। अधिकारियों के दबाव में आकर उन्हें यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।
तीन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज
परिवार की शिकायत पर न्यू शिमला थाने में पावर कॉरपोरेशन के तीन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रशासनिक और पुलिस जांच दोनों तेजी से आगे बढ़ रही हैं।