यदि आपके वाहन के कागजात अधूरे हैं, तो टोल प्लाजा पर पकड़े जाने पर भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। यात्रा से पहले सभी दस्तावेजों को जांचना जरूरी है।
अब अधूरे कागजातों पर तुरंत कटेगा चालान
हिमाचल प्रदेश में अब टोल बैरियर से बिना पूरे दस्तावेजों के गुजरना वाहन चालकों को भारी पड़ सकता है। परिवहन विभाग ने फास्टैग और हाई-टेक कैमरों के जरिये ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू किया है, जिससे वाहन की जानकारी सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंच रही है।
शिमला से हो रही चालान कार्रवाई, 19 दिन में ₹71 लाख के चालान
टोल प्लाजा से गुजरते ही वाहन की स्थिति का पता चल रहा है। अगर इंश्योरेंस, टैक्स या पासिंग में कोई कमी है, तो शिमला से ही चालान कटकर वाहन मालिक को SMS के जरिए भेजा जा रहा है। बीते 19 दिनों में ₹71 लाख से ज्यादा के चालान किए जा चुके हैं।
कमर्शियल व्हीकल्स विशेष निगरानी में
परिवहन विभाग ने नेशनल हाइवे के सभी टोल बैरियर पर कैमरे लगाए हैं। खास ध्यान व्यवसायिक वाहनों पर है, क्योंकि इनमें टैक्स और पासिंग संबंधित कमियां सबसे अधिक पाई जाती हैं। हालांकि, निजी वाहन भी इस सिस्टम की रडार में हैं।
ई-डिटेक्शन योजना के पहले चरण में ये 5 बातें जरूरी
फिलहाल विभाग ने पहले चरण में जिन पांच दस्तावेजों को अनिवार्य किया है, वो हैं:
वैध इंश्योरेंस
समय पर वाहन की पासिंग
टैक्स की अदायगी
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
पंजीकरण की स्थिति
टेक्नोलॉजी से टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम
इस नई प्रणाली से टैक्स चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। पहले वाहन बिना टैक्स और अधूरे दस्तावेजों के सड़कों पर दौड़ते थे, लेकिन अब हर वाहन पर नजर है।
आने वाले समय में बढ़ेगा दायरा
दूसरे चरण में इस योजना का विस्तार करके निजी वाहनों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, तेज रफ्तार जैसे मामलों में भी इसी तकनीक से चालान किए जाएंगे।
सचेत रहें, वरना कटेगा बड़ा चालान
परिवहन विभाग की बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने भी इस योजना की समीक्षा की। अधिकारी बोले, अब सभी वाहन मालिकों को अपने दस्तावेज पूरे रखने होंगे, नहीं तो भारी जुर्माने के लिए तैयार रहें।