हिमाचल प्रदेश में खैर की लकड़ी की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। 36 मोच्छों के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जंगलों से खैर के पेड़ों की तस्करी का भंडाफोड़
गगरेट के जंगलों से रात के अंधेरे में बहुमूल्य खैर के पेड़ों को काटकर तस्करी की जा रही थी। वन विभाग ने इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है।
36 मोच्छों के साथ पकड़ा गया वाहन
वीरवार रात करीब 11 बजे वन विभाग की टीम ने बड़ोह गांव के भियांवाला में एक वाहन को रोका, जिसमें खैर की लकड़ी लादी जा रही थी। जांच में वाहन से 36 मोच्छे बरामद हुए, जिनकी बाजार कीमत लगभग दो लाख रुपये आंकी गई है।
एक युवक गिरफ्तार, दो फरार
गगरेट पुलिस ने वन विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। वाहन चालक अश्विनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके साथ मौजूद दो व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
तस्करों की पहचान पहले ही हो चुकी थी
वन विभाग को बीते कुछ दिनों से खैर की लकड़ी की तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। विभाग को इनपुट मिला था और तस्करों की पहचान भी कर ली गई थी। इसी के आधार पर नाका लगाया गया था।
वन विभाग की सतर्कता से पकड़ी गई तस्करी
वन खंड अधिकारी अशोक कुमार और उनकी टीम—पंकज शर्मा, विक्रांत सिंह व बलदेव कुमार—ने मिलकर भियांवाला के पास नाका लगाया। रात को जंगल की ओर से आते एक वाहन को रोककर यह कार्रवाई की गई।
आरोपी से नहीं मिले कोई वैध दस्तावेज
गिरफ्तार चालक अश्विनी कुमार वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने भागे हुए एक अन्य आरोपी का नाम सन्नी कुमार बताया, जबकि दूसरे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
पुलिस व वन विभाग ने शुरू की जांच
वन अधिनियम और चोरी के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी डॉ. वसुधा सूद ने इस पूरे मामले की पुष्टि की है।