हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अनाथ बच्चों को बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण-पत्र देने का वादा पूरा किया। जानें इस निर्णय से अनाथ बच्चों के जीवन में क्या बदलाव आएगा
अनाथ बच्चों को बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण-पत्र देने का ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अनाथ बच्चों के लिए बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का अधिकार देने की घोषणा की है। यह कदम उन बच्चों के हित में उठाया गया है जो पिछले 15 वर्षों से हिमाचल प्रदेश के बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे हैं।
कल्याणकारी योजनाओं में मिलेंगे समान अधिकार
अब तक इन बच्चों को कल्याणकारी योजनाओं और रोजगार अवसरों से वंचित रहना पड़ता था, क्योंकि मौजूदा दिशा-निर्देशों में उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। इस कदम से ये बच्चे भी राज्य की सुविधाओं और योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री सुक्खू का व्यक्तिगत योगदान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस मुद्दे को टुटीकंडी बाल आश्रम के दौरे के दौरान समझा और समाधान के लिए कदम उठाए। उन्होंने सचिवालय जाने से पहले बच्चों से संवाद किया और उनके कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना
राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों के लिए ‘मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना’ लागू की है, जो शिक्षा, देखभाल और आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने में मदद करती है। इस योजना के तहत बच्चों को मासिक सहायता, भारत भ्रमण, स्टार्टअप सहायता और आवास के लिए भूमि और निर्माण सहायता प्रदान की जा रही है।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री समय-समय पर बाल देखभाल संस्थानों का दौरा करते हुए बच्चों की स्थिति की समीक्षा करते हैं। इस निर्णय से बच्चों को समान अधिकार और अवसर मिलेंगे, जो उनके उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने में मदद करेगा।