हिमाचल सरकार चालू वित्त वर्ष में टैक्स और शुल्क इत्यादि से 2720 करोड़ ज्यादा कमाएगी। बजट में तय किए गए लक्ष्य के अनुसार भू-राजस्व से ही इस बार 1000 करोड़ ज्यादा कमाने का टारगेट है। सरकार को इस साल 2720 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है।
सरकार की आय में 2720 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी
हिमाचल सरकार चालू वित्त वर्ष में टैक्स और अन्य शुल्कों से 2720 करोड़ रुपये अधिक कमाने का अनुमान लगा रही है। बजट में तय किए गए लक्ष्य के अनुसार, यह बढ़ोतरी कई स्रोतों से आएगी।
भू-राजस्व से होगा 1000 करोड़ का अतिरिक्त कलेक्शन
सरकार ने भू-राजस्व (Land Revenue) से ही इस बार 1000 करोड़ रुपये अधिक वसूलने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार ने केवल 17 करोड़ रुपये का भू-राजस्व इकट्ठा किया था, लेकिन इस बार इसे 1019 करोड़ तक बढ़ाने की योजना है।
गैर-कृषि उपयोग वाली जमीन पर नए सिरे से लगेगा टैक्स
जो जमीनें गैर-कृषि (Non-Agricultural) उपयोग के लिए बदली गई हैं, उन पर लैंड रेवेन्यू नया तय किया जाएगा। इसमें हाइड्रोपावर (Hydropower), टूरिज्म (Tourism) और इंडस्ट्रीज (Industries) को शामिल किया गया है। सरकार ने विधानसभा में इस संबंध में एक बिल पारित कर दिया है, जो अब राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया है।
लैंड रेवेन्यू की वसूली कैसे होगी?
अब यह तय किया जाएगा कि सरकार किनसे और कितनी लैंड रेवेन्यू (Land Revenue) वसूलेगी। विधानसभा में पारित विधेयक के अनुसार, यह राशि औसत बाजार मूल्य (Market Value) का अधिकतम 4% तक हो सकती है।
जल उपकर (Water Cess) से होने वाली कमाई पर संशय
पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने 1000 करोड़ रुपये जल उपकर (Water Cess) के रूप में वसूलने का लक्ष्य रखा था, लेकिन हाई कोर्ट (High Court) ने इस अधिनियम को रद्द कर दिया, जिससे यह कलेक्शन नहीं हो सका।
GST और वैट से होगी आय में बढ़ोतरी
सरकार ने GST (Goods and Services Tax) से 750 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय का लक्ष्य रखा है।
वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) से भी 250 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है।
कुल राजस्व प्राप्ति और घाटे की स्थिति
पिछले वर्ष सरकार की राजस्व प्राप्तियां (Revenue Receipts) 13,526 करोड़ रुपये थीं, जिन्हें इस साल बढ़ाकर 16,101 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
यदि गैर-कर राजस्व (Non-Tax Revenue) को भी जोड़ा जाए, तो सरकार की कुल आय 20,291 करोड़ रुपये होगी।
हालांकि, खर्च अभी भी अधिक है। केवल सरकारी कर्मचारियों की सैलरी (Salary) और पेंशन (Pension) पर ही सरकार 26,295 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।
बजट और राजस्व घाटे की स्थिति
इस बार सरकार का कुल बजट 58,514 करोड़ रुपये का है।
राज्य का राजस्व घाटा (Revenue Deficit) 6,390 करोड़ रुपये है, जिसे पूरा करने के लिए सरकार को और उपाय करने होंगे।